ऐल्डिहाइड
,कीटोन और कार्बोक्सिलिक अम्ल
(Aldehydes,Ketones
and Carboxylic Acid)
महत्वपूर्ण प्रश्न ( Important Questions)
Aldehydes and
Ketones
Long
Answer Types Questions and Their Answer (दीर्घ उत्तरीय प्रश्न एवं
उनके उत्तर)
प्रश्न
1. प्रयोगशाला में फॉर्मेल्डिहाइड बनाने की विधि का वर्णन कीजिए। सम्बन्धित
अभिक्रिया का समीकरण भी लिखिए। इसकी सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन के साथ अभिक्रिया
करने पर क्या होता है
?
उत्तर : प्राथमिक ऐल्कोहॉल की वाष्प को 300°C पर गर्म कॉपर या सिल्वर पर प्रवाहित करने पर फॉर्मेल्डिहाइड बनता है।
सोडियम
हाइड्रॉक्साइड विलयन के साथ अभिक्रिया
कैनिजारो
अभिक्रिया –
फॉर्मेल्डिहाइड की सोडियम हाइड्रोक्साइड के सान्द्र(50 प्रतिशत) के साथ क्रिया
कराने पर फॉर्मेल्डिहाइड का एक अणु मेथिल ऐल्कोहॉल मे अपचयित होता है और दूसरा अणु
फॉर्मिक अम्ल के लवण में ऑक्सीकृत होता है। यह Cannizzaro’s reaction कहलाती है।
2HCHO + NaOH →
प्रश्न 2. निम्नलिखिल पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
·
क्लीमेन्सन अपचयन
·
कैनिजारो अभिक्रिया
·
ऐल्डोल संघनन
·
रोजेनमुण्ड अभिक्रिया
·
स्टीफन अभिक्रिया
·
यूरोट्रोपीन
·
रजत अभिक्रिया
·
हैलोफॉर्म अभिक्रिया
उत्तर : क्लीमेन्सन अपचयन
अम्लगमित जिंक (Amalgamated Zine) और सान्द्र
हाइड्रोक्लोरिक अम्ल द्वारा ऐल्डिहाइड और कीटोन ,हाइड्रोकार्बनों में अपचयित होते
हैं।
RCHO = 6[H]
RCOOR’ + 6[H]
कैनिजारो अभिक्रिया
ABOVE REACTION &
THEORY
ऐल्डोल संघनन
ऐल्डिहाइड और
कीटोन दोनो संघनन अभिक्रिया करते हैं।
तनु सोडियम हाइड्रोक्साइड या पौटेशियम कार्बोनेट की
उपस्थिति में ऐसीटेल्डिहाइड के दो अणु कार्बन-कार्बन बन्ध द्वारा संयुक्त होकर β-हाइड्रॉक्स-ब्यूटिरेल्डिहाइड
(एल्डोल) का एक अणु बनाते है।
यह अभिक्रिया तथा इसी प्रकार की अन्य अभिक्रियाएँ ऐल्डोल
संघनन कहलाती है। ऐल्डोल को गर्म करने पर जल का एक अणु निकलता हैं। और
क्रोटनेल्डिहाइड बनता है।
बेरियम हाइड्रोक्साइड की उपस्थिति मे ऐसीटोन के को दो
अणु संघनित होकर डाइऐसीटोन ऐल्कोहॉल का एक अणु बनाते हैं।
यह अभिक्रिया भी ऐल्डोल संघनन कहलाती हैं। डाइऐसीटोन
ऐल्कोहॉल को आयोडीन उत्प्रेरक की उपस्थिति में गर्म करने पर जल का एक अणु निकलता
हैं और मेसीटिल ऑक्साइड बनता हैं।
रोजेनमुण्ड
अभिक्रिया
(Rosenmund Reaction)
बेन्जॉयल
क्लोराइड का, उबलती हुई जाइलीन में, बेरियम सल्फेट पर आधारित पैलेडियम उत्प्रेरक
की उपस्थिति मे हाइड्रोजन द्वारा अपचयन करने पर बेन्जैल्डिहाइड बनता है। यह
अभिक्रिया रोजेनमुण्ड अभिक्रिया कहलाती है।
स्टीफन अभिक्रिया (Stephen’s
Method)
फेनिल
सायनाइड का ईथर विलयन में स्टैनस क्लोराइड + हाइड्रोजन क्लोराइड द्वारा अपचयन करने
पर बने संकर यौगिक को जल द्वारा अपघटित करने पर बेन्जैल्डिहाइड बनता है
C6H5CN →
यूरोट्रोपीन
(
Urotropin)
फॉर्मेल्डिहाइड
अमोनिया के साथ अभिक्रिया करके हेक्सामेथिलीनटेट्रामीन बनाती है, जिसे हेक्सामीन या यूरोट्रोपीन
भी कहते हैं।
रजत
अभिक्रिया
ऐल्डिहाइड
,अमोनिया सिल्वर नाइट्रेड विलयन ( टॉलेन अभिकर्मक) को सिल्वर मे अपचयित कर देता
हैं। जिससे विलयन का काला अवक्षेप बनता है, या परखनली की रजप दर्पण बनता है।
CH3CHO + Ag2O →
हैलोफॉर्म
अभिक्रिया
ऐसीटेल्डिहाइड या ऐसीटोन हैलोजन व क्षारीय KOH
या क्षारीय NaOH के साथ क्रिया करके हैलोफॉर्म बनाते
हैं।
ऐसीटेल्डिहाइड को सोडियम हाइड्राक्साइड
विलयन और क्लोरीन के साथ गर्म करने पर पहले क्लोरल बनता हैं। जो क्षार
द्वारा क्लोरोफॉर्म मे अपघटित होता है।
CH3CHO + 3Cl2
+
3NaOH →
CCl3CHO + NaOH→
ऐसीटोन को सोडियम हाइड्राक्साइड
विलयन और क्लोरीन के साथ गर्म करने पर पहले ट्राइक्लोरोऐसीटोन बनता हैं। जो
क्षार द्वारा क्लोरोफॉर्म मे अपघटित होता है।
CH3COCH3 + 3Cl2
+
3NaOH →
CCl3COCH3 + NaOH →

केनिज़ारो reaction
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